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जमुई पीड़िता के माता-पिता की CM सम्राट चौधरी से मुलाकात, बोले- 'मेरी बेटी गिड़गिड़ाई थी, अब दोषियों को गिड़गिड़ाना चाहिए'


जमुई पीड़िता के माता-पिताImage Source : SOURCE: ANI


Jamui News: बिहार के जमुई में नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की है। परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बेटी की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग रखी। मुलाकात के दौरान पीड़िता की मां ने अपनी बेटी के साथ हुई घटना को याद करते हुए भावुक अपील की और कहा कि उनकी बेटी जिस तरह उस समय मदद के लिए गिड़गिड़ा रही थी, अब आरोपियों को कानून के सामने जवाब देना चाहिए। परिवार के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से जिस तेजी से कार्रवाई की गई, उससे उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। पीड़िता की मां ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि घटना सामने आने के बाद कम समय में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।


मुख्यमंत्री से मिले पीड़िता के माता-पिता

पीड़िता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी मांगें उनके सामने रखीं। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने और दोष साबित होने पर कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने की मांग की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से परिवार को उनकी बेटी की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। परिवार के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी बेटी की सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। पीड़िता की मां ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता अपनी बेटी की सुरक्षा और भविष्य को लेकर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।


'मेरी बेटी के साथ जो हुआ, किसी और के साथ न हो'

बेटी के साथ हुई घटना को याद करते हुए पीड़िता की मां ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी दूसरी बच्ची के साथ नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की मांग की, जिससे कानून का डर कायम हो और भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। मां के बयान में घटना को लेकर परिवार का दर्द और आक्रोश साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को जिस मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुजरना पड़ा, उसके बाद परिवार सिर्फ न्याय चाहता है।


कोचिंग से लौटते समय हुई थी घटना

पुलिस के अनुसार, घटना कथित तौर पर 19 सितंबर को हुई थी। बताया गया कि दो नाबालिग कोचिंग से लौट रहे थे। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और उत्पीड़न की घटना हुई। घटना से संबंधित एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली और जांच शुरू की गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया।


कई आरोपियों की गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी भी पकड़ा गया

मामले में पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने के साथ मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी को पकड़ने के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस सख्त

इस मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर भी कार्रवाई की बात कही है। नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करना या दोबारा प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे वीडियो को आगे शेयर न करें

नाबालिग की पहचान और निजता की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसी वजह से जिम्मेदार मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया यूजर्स से पीड़िता की पहचान से संबंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक न करने की अपील की जाती है।


महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से मामले में कार्रवाई और जांच की जानकारी लिए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वहीं पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री की ओर से सुरक्षा और शिक्षा को लेकर मिले आश्वासन के बाद परिवार को उम्मीद है कि मामले में जल्द न्याय मिलेगा। परिवार की मांग साफ है कि जांच निष्पक्ष और तेज तरीके से पूरी हो तथा अदालत में आरोप साबित होने पर दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिले। अब इस मामले में पुलिस की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।





SOURCE: ANI


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