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रूस के ताबड़तोड़ हमलों से दहला यूक्रेन, कीव में धार्मिक स्थल में आग, खारकीव में 5 बचावकर्मियों की मौत


रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में सोमवार को एक बार फिर हिंसा का बड़ा दौर देखने को मिला। रूस ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए व्यापक हमला किया। इन हमलों ने राजधानी कीव से लेकर खारकीव तक तबाही का मंजर पैदा कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, खारकीव में पांच बचावकर्मियों की मौत हो गई जबकि राजधानी कीव में एक बच्चे समेत कम से कम 13 लोग घायल हुए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं था, बल्कि कई रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया। इस कारण एक बार फिर रूस पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोप तेज हो गए हैं।


आग बुझा रहे बचावकर्मियों पर हुआ दूसरा हमला


यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लिमेनको के अनुसार, खारकीव में रूस के पहले हमले के बाद एक इमारत में आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए पहुंचे बचावकर्मी राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान दूसरा हमला हुआ, जिसकी चपेट में आकर पांच बचावकर्मियों की मौत हो गई। क्लिमेनको ने कहा कि यह हमला बेहद गंभीर और चिंताजनक है क्योंकि राहत कार्य में लगे लोगों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के खिलाफ माना जाता है। इस हमले में पांच अन्य आपातकालीन कर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।


बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद ड्रोन हमलों की बौछार


राजधानी कीव में हमले की शुरुआत बैलिस्टिक मिसाइलों से हुई। इसके बाद रूस ने ईरानी तकनीक पर आधारित 'शाहिद' ड्रोन की मदद से कई और हमले किए। शहर भर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सायरन बजते ही हजारों नागरिक बंकरों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। प्रशासन ने लोगों से घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं।


30 मिनट में पांच हमले, कई इमारतें तबाह


कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर त्काचेंको ने बताया कि शेवचेंकिव्स्की जिले में 30 मिनट से भी कम समय में पांच अलग-अलग हमले हुए। इन हमलों की चपेट में एक 25 मंजिला आवासीय इमारत आ गई, जिससे भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा एक स्थानीय बाजार और किराना दुकान में भीषण आग लग गई। ओबोलोन्स्की जिले में स्थित नौ मंजिला रिहायशी इमारत भी हमले का शिकार बनी। कई वाहन जल गए और आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं। अधिकारियों का कहना है कि हमलों का असर इतना तेज था कि कई क्षेत्रों में लोगों को रातभर सुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ा।


बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान


गृह मंत्री क्लिमेनको ने कहा कि इस बार का मुख्य हमला कीव पर केंद्रित था। बिजली, सड़क, संचार और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है। यूक्रेनी प्रशासन के अनुसार,  घायल लोगों में एक बच्चा भी शामिल है। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


धार्मिक स्थल में लगी भीषण आग


रूस के हमलों का सबसे भावनात्मक और विवादास्पद पहलू कीव के ऐतिहासिक 'डॉर्मिशन कैथेड्रल' में लगी आग रही। यूक्रेन के ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रमुख मेट्रोपॉलिटन एपिफेनियस ने बताया कि रातभर चले हमलों के दौरान कैथेड्रल की छत में आग लग गई। यह कैथेड्रल यूक्रेन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। आग की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की। मेट्रोपॉलिटन एपिफेनियस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक इमारत पर हमला नहीं, बल्कि मानवता, इतिहास और ईसाई विरासत पर हमला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए आगे आने की अपील की।


रूस पर लगे गंभीर आरोप


कीव सैन्य प्रशासन प्रमुख टिमुर त्काचेंको ने रूस पर जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि नागरिक इमारतों पर हमले कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। हालांकि रूस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रूस लगातार दावा करता रहा है कि उसके हमले केवल सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर केंद्रित होते हैं।


अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी

रूस के ताजा हमलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों ने पहले भी नागरिक क्षेत्रों पर होने वाले हमलों को लेकर चिंता जताई है। अब धार्मिक स्थलों और बचावकर्मियों पर हमलों की खबरों के बाद रूस पर दबाव और बढ़ सकता है।

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